Sunday, 27 March 2016

गीत:रंग यादों में भर जाऊंगा,जीना मुश्किल कर जाऊंगा

तेरी   गलियों  में  आऊंगामन  रंगों का  भरना होगा
बचकर भी जी पाओगी,अर्पण ख़ुद को करना होगा
रंग  यादों  में  भर   जाऊंगा
जीना मुश्किल कर जाऊंगा

जो सर्द हवा तूझसे गुजरी,शायद सिहरन का पहरा है
दर्शन  तेरे  शरमाने को  मौसम  भी  कब  से  ठहरा  है
जिस पल को हम सदियां तड़पें,उस पल को क्यों तड़पाती हो
सब मालूम है तुमको लेकन ,बस दूर खड़ी मुस्काती है

जो  रंग  गाल  पर उतरेगा  उसे  धड़कन  पर चढ़ना होगा
हर चिन्ह मिटा दोगी तुम पर सदियों दिल को पढ़ना होगा
रंग  यादों  में  भर   जाऊंगा
जीना मुश्किल कर जाऊंगा

कलियों सी कोमल काया अब खिलने से क्यों डरती है
महकेगी मुझसे मिलकर   फिर मिलने से क्यों डरती है
जीवन   के  कोरेपन     में    त्योहार   दिखाने   वाला  हूं
ख़ुद  में  मुझको  पाओगी     वो  प्यार  दिखाने  वाला हूं

हाथों   का  स्पर्श   अब   तेरे    गालों   पर  गढ़ना  होगा
जिसे  यादों  में  जिन्दा  रहकर   इस पल को मरना होगा
रंग  यादों  में  भर   जाऊंगा
जीना मुश्किल कर जाऊंगा

तेरी   गलियों  में  आऊंगा,  मन  रंगों का  भरना होगा
बचकर भी जी न पाओगी,अर्पण ख़ुद को करना होगा
रंग  यादों  में  भर   जाऊंगा
जीना मुश्किल कर जाऊंगा

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